कैसे करे खुद की pregnency में देखभाल । - HealthUpachar

कैसे करे खुद की pregnency में देखभाल ।

पहले तो congras की आप के घर नया नन्हा मेहमान आने वाला है । अब pregnency में देखभाल कैसे करे इसपर हम विस्तार से देखेंगे ।गर्भावस्था हर महिला के लिए उसके जीवन का खास वक्त होता है जो की ओ उसे सही तरह से जीना चाहती है । तथा ओ हर ओ चीज करती है जो कि उसके लिए और उसके गर्भस्थ शिशु कर लिए सही हो ।

महिला की pregnency में देखभाल करना जरूरी है जिससे जच्चा और बच्चा दोनों स्वस्थ रहे और सुरक्षित भी । चलो तो देखेंकि pregnency में देखभाल कैसे करे खुद, खुद की।

Preanency में देखभाल

pregnency में देखभाल किस तरह से करे ।

जब आपको पता चलता है कि आप प्रेग्नेंट हो तब से आप खुद हमेशा खुश रहे और आपके आसपास का माहौल भी अच्छा और चैतन्य मय हो इसपर ध्यान दे ।

इससे आपका मन हमेशा प्रसन्न रहेगा तथा आप positive रहेंगी ।

आप घर के सभी काम कर सकती है ।सिर्फ भारी वजन वाली चीजे न उठाएं, नही उतारे।

खानपान :

समय पर और संतुलित आहार लें ।आपके खाने में सभी तरह के मिनरल्स ,corbohydraits, प्रोटीन्स  हो तथा पानी भी ज्यादा मात्रा में ले । सुरवात से ही इन सबकी आदत डाल दे ।

 

संतुलित आहार क्या है ? Balenced Food .

 

किसी भी पदार्थ को खाते वक्त प्रमाण में खाये ,ज्याद सेवन न करे  जिससे कि आपको तथा  गर्भस्थ शिशु को तकलीफ हो ।

तथा सभी चीजें खाए पर limit में खाएं। फॉलिक एसिड और आयरन युक्त खाना आहार में शामिल करें ।

बासी खाना कभी न खाएं । मास ,मच्छी ,अंडे खाए पर ज्यादा नही  यह गर्म मिजाज के होते है तथा इसको पचने में देर लगती है ।

पानी ज्यादा मात्रा में पीए ,हो सके तो पतली दाल या साग बनाये  और उसमें रोटी मिलाकर liquid की मात्रा अधिक हो ऐसे खाए । या छाछ में नमक मिलाकर या छोंक लगाकर उसके साथ रोटी ,चावल खाए जिससे direct मूत्र के रूप में पानी नही बाहर निकलेगा, इससे गर्भ में पानी कम नही होगा  ।

ऊपरी सिर्फ ज्यादा पानी पीने से वह मूत्र के रूप में बाहर आएगा । इसलिए खाने में liquid पदार्थो की मात्रा अधिक रखे , तथा ताज़ा खीरा  खाए इसमे भी liquid अधिक होता है ।

नशीली पदार्थो का सेवन न करे ।इससे बच्चे के शारीरिक और मानसिक विकास पर असर होगा । तथा कुछ नशे से आपको खुद को भी संभालना नही आएगा ।

डॉक्टरों द्वारा सूचित सभी दवाइयां समय पर ले ।

Pregnency में देखभाल

रहनसहन :

आराम पर ध्यान दे रात में 8 घण्टे की पूरी नींद ले ,दिन में भी हो सके तो आराम करे , खुली हवा में पैदल चलने जरूर जाए इससे आप को ताजगी का अनुभव होगा ।और व्यायाम भी होगा।

सुबह हल्की धूप में जरूर बैठे इससे विटामिन डी की पूर्तता होगी आपके बच्चे को भी यह सही मात्रा में मिलेगा ।

डॉक्टरों से पूछकर रोजाना हल्का व्यायाम करे । जितना हो सके लम्बी यात्रा को टाले ।तथा 8 माह के उपरांत कहि भी यात्रा न करे ।

जब  आपकी यह दूसरी प्रेग्नेंसी है  तो पहले बेटे का ख्याल रखने के लिए किसी दूसरी व्यक्ति का सहारा ले ।

ज्यादा तंग या ज्यादा ढीले कपड़े न पहनें आपको जो comfort महसूस हो तथा आपकी पेट और कमर में तंग न हो ऐसे कपड़े पहने । हिल वाली चप्पल और सैंडल न पहनें ।

सीढ़िया चढ़ते उतरते वक्त दीवार या रॉड का  सहारा जरूर ले ।ढीले कपड़े पहने हो या plazzo pants पहनी तो उसमें पैर अटकने की संभावना रहती है । इसलिए उससे परहेज करें।

जरूरी सहायता :

अपने पास मोबाइल रखे  , उसमे डॉक्टर का no. अवश्य रखे , इमरजेंसी में ऑटो वाले का , टैक्सी ड्राइवर का no. भी  save कर ले  ।

7 माह के उपरांत बेबी की movment स्पष्ट समझती है तो हर समय इसपर ध्यान दे । कुछ समय ज्यादा ,कम या न होने पर तुरंत डॉक्टर से सम्पर्क करें ।

 

 

 

 

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