चिकनपॉक्स टिका : importance ऑफ chiknpox vaccine - HealthUpachar

चिकनपॉक्स टिका : importance ऑफ chiknpox vaccine

चिकनपॉक्स यह बच्चो में होने वाली बीमारी है , इसको चेचक भी बोलते है । चिकनपॉक्स टिका लगाने से इससे बचने के चांसेस बढ़ जाते है ।  यह आपको सरकारी अस्पताल में नही मिलता ,इसके लिए आपको private अस्पताल में ही लगाना जरूरी है ।चिकनपॉक्स टिका बच्चों को 2 बार लगवाना होता है।  इसको लगाने के पछ्यात 80% तक चिकनपॉक्स नही होता ।चिकनपॉक्स टिका अनिवार्य टीको में नही आता  तथा कई बच्चों में यह नार्मल तरीके से आता है और आपने आप ठीक होता है मतलब बिना किसी उपयोसे भी यह चला जाता है , पर ऐसा तो नही की हम इसकी रोकथाम के लिए प्रयत्न ही न करे ।चिकनपॉक्स बच्चों में इतनी गम्भीर या जानलेवा बीमारी नही है  और चिकनपॉक्स टिका लगाने के बाद भी यह होना सम्भव है । आइए तो हम इसकी विस्तृत जानकारी देखे ।

चिकनपॉक्स टिका

क्या है चिकनपॉक्स :

चिकनपॉक्स यह बीमारी मुख्यत: संक्रमन वेरिसेल्ला जोस्टर नामक वायरस से होता है ।यह हवा के माध्यम से सास लेते वक़्त शरीर में प्रवेश करते है या रोगी व्यक्ति को छूने से होता है। संक्रमण होने के 1 से2 दिन बाद  तेज बुखार के साथ चेहरा, छाती और पीठ पर लाल दाने या फुंसिया आती है  जिसमे खुजली भी होती है धीरे धीरे यह पूरे शरीर पर आते है।

डेन आने के 2 से3 दिन बाद यहा फफोलो में तब्दील होते है जिसमे पानी  या द्रव भरा होता है इस अवस्था के आगे यह पुरी तरह दब जाते है पपड़ी जैसा होकर त्वचा पे चकत्ते या निशान पड़ता है फुंसियों का । चिकनपॉक्स करीबन 10 से 12 दिनों में पूरी तरह समाप्त होता है ।

यह इतना गंभीर नही है की जान जाने का ख़तरा हो तेज बुखार कम न होने से  या बैक्टेरियल इन्फेक्शन से बिरले को ही मौत आती है ।

चिकनपॉक्स  टिका क्यो  लगाए ।

चिकनपॉक्स यह संक्रमनसे फैलती है यह होने से बच्चों को कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है तथा बच्चो की immune power विकसित न होने से चिकनपॉक्स का प्रतिरोध उनका शरीर नही कर पाता इस वजह से वे चिकनपॉक्स की चपेट में जल्द आ जाते है।

पर चिकनपॉक्स vaccine बच्चो के शरीर मे उससे लड़ने के लिए एंटीबॉडीज बनाता है ।और संक्रमण को दूर रखता है  तथा by डिफॉल्ट हो भी जाए तो चिकनपॉक्स की तीव्रता को कम करता है ।

चिकनपॉक्स टिका

Doses कितनी बार दे और कब ।

चिकनपॉक्स की 2 खुराक देनी होती है । यह खुराक 1 साल होने के बाद दी जाती है ।

  1.  पहली खुराक  12 से 15 माह में ।
  2.  दूसरी खुराक  4 से 5 वर्ष में ।

यह बच्चो के लिए ।

तथा बड़े लोगो मे होने पर और जिन्होंने इसका टिका नही लगाया उनके लिए इन दो टीको में 28 माह का अंतर होना जरूरी है या पहला टिका देने के  28महीने बाद  दूसरी  खुराक दी जाती है ।

टिके के दुष्प्रभाव ।

इसका टिक लगने के बाद कोई गम्भीर दुष्प्रभाव नही होते ।  हल्का बुखार , इंजेक्ट की जगह लाल होना हो सकता है । यह पूरी तरह सुरक्षित है । हालाँकि टिका देने के बाद कुछ गम्भीर side effect दिखे तो डॉक्टरों से सलाह ले ।

धन्यवाद।

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