छोटे बच्चों चिकनपॉक्स से कैसे बचाएं । chickenpox। - HealthUpachar

छोटे बच्चों चिकनपॉक्स से कैसे बचाएं । chickenpox।

छोटे बच्चों में चिकनपॉक्स होना यह एक साधारण समस्या है। चिकनपॉक्स एक संक्रामक बीमारी है।जिसके जीवाणु  बच्चो के थूक,मलमूत्र,नाखूनों में  रहते है और हवा में फैलते  है ।सांस लेते वक्त यह शरीर मे प्रवेश करते है ,या तो किसी संक्रमित रोगी को छूने से होते है। चिकनपॉक्स  यह बड़ो के मुकाबले बच्चो में ज्यादा पाई जाती है हालांकि चिकनपॉक्स की vaiksin मौजूद है पर इसके लगाने के बावजूद भी यह बालको में होने के chanses रहते है । चिकन पॉक्स उष्ण शरीर के बच्चो पाई जानी बीमारी है । यह एक आम बीमारी है जिसको छोटी माता या बड़ी माता भी कहते है या  चेचक के नाम से भी जानी जाती है ।इसको छूने से यह ज्यादा फैलती है ।

चिकनपॉक्स

10  या 10 से कम बरस के बच्चो के अंदर ये देखने को मिलती है । कभी कभी बड़ो में भी होती है कुछ मामलों में गर्भवती महिलाओं को भी हो सकती है। होने के बाद यह10 से 15 दिन के अंदर समाप्त होती है ।इसके लक्षण बच्चों में दिखे तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करे हो सके तो आप कुछ घरेलू नुस्खे अपना सकते है । इसमे बच्चो के बदन पर फुंसिया आती है जो कि लाल रंग की होती है बाद में यह फफोलों में तब्दील हो जाती है और सूखकर पपड़ीया निकलती है । इनमे तेज बुखार के साथ दाह और खुजली भी होती है ।  ऐसे में डॉक्टर पास ले जाये और बिना डॉक्टरी सलाह के कोई भी मेडिकल दवाइया न दे।

आइये तो हम इसके  लक्षण और उपाय देखते है ।

चिकन पॉक्स के लक्षण :

  • तेज बुखार आना।
  •  पूरे बदन पर या पीठ , छाती और चेहरे पे लाल दाने आना ।
  • जलन होना या खुजली ।
  • भूक न लगना ।
  • चिड़चिड़ा हो जाना
  • कमजोरी या थकान ।
  •  प्यास लगना।
  • हृदय तेजी से धड़कना
  • उल्टी ,जुकाम।

चिकन पॉक्स होने के कारण :

  • संक्रमण के कारण ।
  • रोगी की थूक ,मलमूत्रादि में से इसके जीवाणु हवा में  मिलकर सास के माद्यम से शरीर मे जाते है  और 2से 3 दिन असर दिखाना सुरु करते है।
  • रोगी के नाखूनों में जीवाणु  पाए जाते है ।
  • रोगी के सानिध्य में रहने से या उसको छूने से ।

चिकनपॉक्स

छोटे बच्चों को चिकनपॉक्स से कैसे  बचाए :

निम्बू : निम्बू का रस ,सब्जियों का रस ,सुप पिलाये।

फल :मौसमी फलों को खाने में दे तथा इनका ज्यूस पिलाये ।

कपूर: नहाने से पहले नारियल के तेल में कपूर डालकर लाल दानो पर लगाए  इससे नमी मिलेगी ।

निम के पत्ते :किसी भी साबुन या शाम्पू का इस्तेमाल न करे , इससे त्वचा की नमी छीन सकती है ।इसके बजाय निम के पत्ते नहाने  के पानी मे उबाल कर नहलाए। इससे खुजली नही होगी । निम के पत्तों का लेप लगाएं इससे ठंडक मिलेगी

गाजर और धनिया :  इसका रस निकालकर पिलाए या सुप बनाकर खाने में दे ,गाजर और धनिया चिकन पॉक्स में लाभकारक है।

 अदरक :ठंडे पानी मे अदरक डाले उसके बाद इसमे बच्चो को बिठाये खुजली नही होगी , पर उस वक्त बच्चो को बुखार नही होना चाहिए ।

बेकिंग सोडा :बेकिंग सोडा 1 गिलास पानी मे मिलाकर पूरे बदन पर लगाने से आराम मिलेगा ।

करेला :करेले के पत्तों का रस निकालकर हल्दी और शहद मिलाकर खिलाये ।

मटर :दाने दब जाने के बाद निशान छोड़ते है उसपर हरी मटर को उबालकर उसका पानी लगाए इससे निशान मिट जाएंगे।

बच्चो को सूती,नरम और ढीले कपड़े पहनाये।

बच्चो को खाने में ठंडक प्रदान करने वाली चीजें खिलाये  गर्म ,तली, मसालेदार पदार्थो से दूर रखें ।

घर मे सफाई बरते बच्चो का बिस्तर साफ रखे बच्चो को आराम करने दे । हो सके तो बच्चो को वयानुकूलित जगह पर रखे।

धन्यवाद,  आप हमें [email protected] पर सम्पर्क कर सकते है।

 

Image source : free stock photo

 

 

 

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