बच्चा बिस्तर गीला करता है , कैसे रोके ? घरेलू उपाय। - HealthUpachar

बच्चा बिस्तर गीला करता है , कैसे रोके ? घरेलू उपाय।

बिस्तर गीला करना इसको बेड वेटिंग ( Bed wetting) कहते है , यह बच्चो की सामान्य समस्या है , पर 6 साल के ऊपर भी बच्चे को पेशाब पर नियंत्रण नही रखा जाता है तो आप पहले कुछ घरेलू नुस्खे अपनाये उनसे ठीक हो जाए तो बहोत अच्छा नही तो बिस्तर गीला करने की समस्या पर डॉक्टरों से मिले  और सही इलाज करे । नही तो बच्चो की किशोर अवस्था तक भी यह समस्या बनी रहने की संभावना रहती है ।

बहोत से पेरेंट्स बच्चो को बिस्तर गीला करने पर डांटते है पर उससे अनएच्छिक रूप से ऐसा हो जाता है । वह जानबूझकर नही करता ऐसे में उसको डांटने से या दोस्तो के सामने अपमानित करने से उनमें ग्लानि या हीनता की भावना भी हो सकती है ।

इससे तो अच्छा आप उसे बचपन से समय से टॉयलेट जाने की आदत  डालें तथा कुछ घरेलू नुस्ख अपनाये या डॉक्टरों की सलाह ले ।

बिस्तर गीला

बेड वेटिंग के कारण :

मूत्राशय का आकार छोटा होना । बहोत से बच्चो में मूत्राशय का आकार छोटा होने के कारण ज्यादा मात्रा में मूत्र इकट्ठा नही हो पाता इसकारण बेड वेटिंग होने की संभावना होती है ।

मूत्र मार्ग संक्रमण , UTI की वजह से भी बार बार मूत्र आना या अनायासे मूत्र निकलना सम्भव है ।

हार्मोन्स में गड़बड़ी होने से  , बच्चो में एंटी ड्यूरेटिक हार्मोन्स (एएचडी) निर्माण होता है ।जो रातके समय पेशाब को रोकने का कार्य करता है पर इसके असन्तुलित होने से रात के समय यह प्रॉपर कार्य नही कर पाता ।

चेतना शक्ति या नर्व सिस्टम का पूरी तरह विकास न होने से , शरीर के अंदर नर्व system होती है। जो कि  मल मूत्र आने की सूचना मस्तिष्क तक पहचाने का कार्य करती है ।पर यह पूरी तरह विकसित न होने पर नींद में  मस्तिष्क तक तरंगे नहि भेज पाती।

कुछ अन्य कारण :

कुछ दवाइयों की वजह से भी नींद में पेशाब होना सम्भव है ।

अत्यधिक थकान या खेल की वजह से बच्चे गहरी नींद में सो जाते है ।

कभी कभी यह अनुवांशिक भी हो सकता है ,घर के किसी सदस्य या parents में पहले होने से ।

डर के कारण ,exam का तनाव।

चाय ,कॉफी  या ठंडा पानी पीने से।

बिस्तर गीला न करने के घरेलू उपाय :

रातको सोने से पहले बच्चो को बाथरूम ले जाये तथा रात को एक बार उसको जागकर या गोदी में उठाकर बाथरूम करवाये ।

अजवायन का चूर्ण बनाये और सोते समय गुनगुने पानी के साथ पिलाये या अजवायन का काढ़ा पिलाये कुछ दिन लगातार ऐसा करने से बिस्तर पर सु सु करना बंद होगा ।

20 या21 किशमिश को 2 स3 अखरोट के बीज के साथ रोजाना 3 से 4 हप्ते खिलाने से यह बीमारी खत्म हो जाएगी।

तिल गुड़ के लड्डू या तिल गुड़ रोज खिलाये इसका मिजाज गर्म होने से यह सर्द में मूत्र को रोके रखता है ।

रोजाना जायफल को गर्म दूध में मिलाकर सोने से पहले पिलाये इससे लाभ होगा ।

2 खजूर (dates)को  रोज खाने में दे ।

दिन में भरपूर पानी पिलाये पर रात में थोड़ा कम पानी दे हो सके तो गुनगुना हो, ठन्डे पानी से मूत्र जल्द बाहर निकलता है ।

खाने में दालचीनी का इस्तेमाल करे या इसका चूर्ण खिलाये ।

बच्चे को कब्ज न होने दे, कब्ज के कारण भी बिस्तर में पेशाब करने की समस्या बढ़ सकती है ।

बच्चे के रूम में नाइट लैंप लगवाये तथा बाथरूम का लाइट भी चालू रखे । जिससे बच्चे डरेंगे नही।

बच्चो को न डराए अंधेरे से या किसी भी चीज या शक्ख से।

बिस्तर गीला

डॉक्टरों से सलाह ले :

जब बच्चे का मूत्राशय छोटा हो तो डॉक्टर जांच करके और कुछ ओषधियो से मूत्राशय का आकार बढ़ाने में मदद करते है ।

बच्चा कभी कभार ही बिस्तर पे सु करता है तो यह डायबटीज़ के लक्षण भी हो सकते है ।रक्त की जांच कराए ।

हॉर्मोन्स को सन्तुलित करने के लिए डॉक्टरों से सलाह ले ।

मूत्र मार्ग के संक्रमण  UTI का इलाज करवाए।

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बच्चे का खान पान :

बच्चे को ज्यादा चाय ,कॉफी न पिलाइये। इससे मूत्र रोका नही ज्याता ।

हो सके तो फाइबर युक्त पदार्थ खिलाये : ताजे फल ,अनाज , हरी सब्जिया ।

दूध ,केला और तिल खिलाये ।सन्तुलित आहार दे ,जिसमे विटामिन ,आयरन ,कार्बोहाइड्रेट, मिन्नरल्स मौजूद हो।

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