बच्चो मे निमोनिया के लक्षण , कारण और इलाज। - HealthUpachar

बच्चो मे निमोनिया के लक्षण , कारण और इलाज।

बच्चो मे निमोनिया एक गंभीर समस्या है ।वैसे देखा जाए तो वयस्क लोगो मे भी निमोनिया हो सकता है पर बच्चो मे निमोनिया जादातर माञा मे पाया जाता है ।परिक्षण के मुताबिक भारत मे हर मिनट मे एक बच्चा निमोनिया का शिकार होता है।बच्चो मे निमोनिया छोटे से सर्दी जुकाम बुखार के बढोतरी से होता है ।इसलिए बच्चो के सर्दी जुकाम को मामुली ना समझे इसका तुरंत उपाय करे नही तो इसका रूपांतरन निमोनिया मे हो सकता है । सावधानी ही रोगो से बचने का सबसे पहला और आसान रास्ता है। बच्चो मे निमोनिया फेफडो मे तरल पदार्थ भर जाने से होता है , बच्चो को सास लेने मे कठिनाई होती है। निमोनिया फेफडे  संक्रमित होने  से होता है इसमे फेफडो मे सुजन आती है और पस भर जाता है।ऐसे मे श्वसन नलिका के कार्य मे बाधा मे परिणाम होने से बच्चे श्वास नही ले पाते। इससे शरीर मे आॅक्सिजन का अभाव होने लगता है , बच्चो के शरीर का रंग (काला-निला)बदलने के चांसेस रहते है । निमोनिया जादतर जाडो और सर्दिओ मे होता है।यह एक वायरल संक्रमन है किसीके छिकने , खासने से या सर्दी जुकाम से ग्रस्त लोगो के साथ रहने से इसके बॅक्टेरिया शरीर मे प्रवेश करते है ।कभी कभी सर्दी जुकाम के सुरूवाती दौर मे ही निमोनिया के लक्षण दिखाई देते है।ऐसे डाक्टर से संर्पक करे।

बच्चो मे एनिमिया

निमोनिया के लक्षण : 

  • श्वास लेने मे कठिनाई होती है ।
  • तेज बुखार
  • दिल जादा तेजी से धडकता है।
  • थकान और कमजोरी आती है।
  • उल्टी आना।
  • भुख ना लगना।
  • श्वास पुरीतरह ना लेने के कारण खुन मे ऑक्सिजन की माञा कम होना ।
  • ओठ और नाखुन पिले पडना।
  • बदन और सिर  दर्द ।
  • बलगम वाली खाँसी ।
  • श्वास लेते वक्त आवाज आना ।
  • सर्दी खाँसी।
  • शरीर मे पाणी की माञा कम होना ।

निमोनिया के कारण :

  • फेफडो मे सुजन आने से।
  • फेफडो मे तरल पदार्थ भर जाने से।
  • सर्दी खाँसी मे जल्दी इलाज न होने से।
  • निमोनिया से ग्रस्त लोगो की संर्पक मे आने से।

 

बच्चो मे निमोनिया पर उपाय :

  • बच्चो मे सर्दी जुकाम को जादा बढने ना दे।इसमे घरेलु उपाय करे ना हो सके तो डाक्टर के पास ले जाए।
  • अजवायन और लहसुन तेल मे उबालकर उस तेल से मालिश करे।
  • शिशुओ को सास लेने मे तकलिफ हो तो उसे खडा कर लेऔर उसके पीठ पे हलके हाथ से सराये।नही तो गोदी मे लेकर उसका सिर थोडा उपर आए ऐसे पोझिशन मे बैठे।
  • वेपर रब लगवाए इससे सास लेने मे आसानी होगी। उन्हे सात्विक आहार के साथ तरल पदार्थ दे ,यह सब हल्कासा गरम दे।
  • शरीर मे पाणी की कमी ना होने दे ।
  • सर्दी जुकाम मे बच्चो को गरम कपडे पहनाए ।थंड से बचाए।
  • बारिश के मौसम मे गंदगी से बचे।हमेशा बच्चे की और उसकी चीजे , आसपास के माहोल की सफाई रखे । बाहरी पदार्थ खाने से बचे ।ठंडी चीजे खाने को ना दे ।फल सब्जीओ  का इस्तेमाल करते वक्त उन्हे अच्छे से साफ करे ।
  • बच्चो मे हॅन्डवाश की आदत डाले ।बाहर से या खेलकर आने से उनके हाथ-पैर धोने कीऔर कपडे बदलने की आदत डाले या आप साफ कर ले ।
  • भीडभाड मे जाने से बचे ।हो सके तो बच्चो को मास्क लगवाए , बारिश के मौसम मे ये बेहद फायदेमंद है।
  • सर्दी-जुकाम या निमोनिया से पीडित लोगो का झुटा  न खाए और न पाणी पिए।
  • बच्चा रेंग रहा हो तो उसकी पोहच मे जो आता है तथा ओ जहा भी जाता है वहापर सफाई बरते।
  • बच्चो को धुए से तथा कोई सिगरेट पी रहा हो तो उससे दुर रखे।
  • बच्चो को पुरा आराम दे।
  • शिशुओ को माँ का दुध पिलाए।
  • आजकल निमोनिया को रोकने के vaksin मौजुद है ।आप बच्चो को वह दे सकते है।

धन्यवाद , यह पोस्ट पर visit करने के लिए ।आप हमे [email protected] पर संर्पक कर सकते है।

 

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