बच्चो मे विटाॅमिन डी कमी और उपाय - HealthUpachar

बच्चो मे विटाॅमिन डी कमी और उपाय

बच्चो मे विटाॅमिन डी

आजकल धुप से बचने के लिए लोग नानाविध प्रयास करते है । कडी धुप से बचने के लिए ये अच्छा तरीका है पर हमेशा के लिए यह सही नही। nature से भाग कर हम हमेशा तंदुरूस्त नही रह सकते। धुप विटाॅमिन डी का मुख्य स्ञोत है । बच्चो मे विटाॅमिन डी उनकी प्रतिरक्षा प्रणाली(immun system)दिल और मस्तिष्क के विकास के लिए बहोत जरूरी है। बच्चो मे विटाॅमिन डी का महत्व काफी माञा मे है , विटाॅमिन डी का मुख्य कार्य होता है शरीर मे कॅल्शिअम का निर्मान करना। और बच्चो के शारिरीक विकास मे कॅल्शिअम मुख्यतः हड्डिया मजबुत और दांतो के लिए आवश्यक है। बच्चो मे विटाॅमिन डी की कमी के कारण उनमे रिकेटस् नामक रोग होने के चांसेस होते है । ऐसे मे आप डाॅक्टर की सलाह से विटाॅमिन डी की कमी को सॅचेट् से पुरा कर सकते है । आइए  तो देखते है विटाॅमिन डी कमी के लक्षण , कारण  और उपाय।

बच्चो मे विटाॅमिन डी

 

विटाॅमिन डी  कमी के लक्षण :-

  • मस्तिष्क की खोपडी मुलायम लगती है।
  • सिर (कपोल) बाहर की और आया हुआ दिखता है।
  • हड्डिओ और शरीर मे दर्द रहता है।
  • मांसपेशिओ और जोडो मे भी दर्द रहता है।
  • बच्चा बार -बार बीमार रहता है , उसकी इम्युनिटी पाॅवर पर असर होता है।
  • हड्डिओमे से कट आवाज आती है।
  • थकावट महसुस होती है बच्चा सुस्त होने लगता है।

विटाॅमिन डी कमी के कारण  :-

  • शरीर को पर्याप्त धुप न मिलनेसे।(मुख्य कारण)
  • असंतुलित आहार ।

शरीर मे विटाॅमिन डी की जरूरत :-

  • विटाॅमिन डी शरीर मे कॅल्शिअम बनाने का कार्य करता है  ।धुप से मिलने वाली विटाॅमिन डी को स्टोर करके जरूरत के मुताबिक रक्त मे बहाकर मांसपेशिओ तक पहुचाता है।
  • शरीर मे इम्युनिटी पाॅवर बढाने के लिए  ।
  • इन्फेक्शन , सुजन, कैंसर से बचने के लिए।
  • किडनी ,लिवर और हार्ट की बीमारी दुर रखने के लिए।
  • शरीर मे इंसुलिन स्तर उचित माञा मे रखने के लिए।
  • शरीर मे कॅल्शिअम की माञा संतुलित रखने के लिए।
  • मांसपेशिओ और जोडो मे होने वाले दर्द को रोकने के लिए।
  • बच्चो मे हड्डिओ को मजबुत बनाने मे और दांतो के लिए ।

बच्चो मे विटाॅमिन डी की कमी पर उपाय :-

 

सुरज की धुप :- बच्चो के शरीर मे  विटॅमिन डी की माञा बढाने के लिए  सुरज की धुप सबसे जादा लाभकारी है।बच्चो को सुबह की धुप मे खेलने देना चाहिए , शिशुओ को  गोदीमे लेकर सुबह धुप मे बैठना चाहिए। बच्चो का शरीर कम से कम 40 % तक खुला रहना चाहिए ।  शाम की धुप मे भी कर सकते है ।कडी धुप मे जादा ना बिठाए इसमे अल्ट्रा व्हायलेट रेज  जादा होतेहै ।इ ससे त्वचा मे जलन हो सकती है या रॅशेश आ सकते है , शिशुओ को कडी धुप मे ना ले जाए उनकी त्वचा बहोत  कोमल होती है।

मच्छी और अंडे :- बच्चो को मच्छी खिलाए इससे भी विटॅमिन डी की पुर्तता की जा सकती है।या अंडे का पिला हिस्सा खिलाए ।

कॅल्शिअम से भरपुर पदार्थ :- कॅल्शिअम से भरपुर पदार्थ खिलाए । जैसे दुध , केला,पनीर , दही, दुध की बनी चीजे।इनसे विटॅमिन डी की कमी मे सपोर्ट मिलता है।

नही तो डाॅक्टर के पास ले जाए उनकी सलाह ले । विटॅमिन डी की खुराक कर सकते है।वैसे देखा जाए तो विटॅमिन डी दवाओ तथा किसी अन्य पदार्थ से नही मिलता है सुरज की धुप ही उसका एक माञ उपाय है।

धन्यवाद , आपको यह post अच्छी लगी और इससे रिलेटेड कुछ अधिक जानकारी चाहिए हो तो हमे [email protected] पर  संर्पक कर सकते हो ।

 

 

 

 

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