बालको मे पीलिया होना लक्षण और इलाज

बच्चो मे पीलिया होना सामान्य बात नही है  इसका बुरा असर उनपर हो सकता है । इसका जल्दी इलाज  न होने पर  लीवर मे असर होकर जान भी जा सकती है । ((नवजात शिशुओमे यह समस्या सामान्य है क्योकी उनकी चयापचय बिलुरूबीनके उत्सर्जन के लिए पुरी तरह devlop नही होता  उसे संपुर्ण रूप से विकसित होने के लिए जन्म से लेकर 2 हप्ते लगते है  और वह नयानया बाहरी आहार ( स्तनपान/ गाय का दुध /पावडर दुध) लता है इसलिए नवजात शिशुओ मे पीलिया होना आम बात है । ))पर  बडे बच्चो मे पीलिया होना हानिकारक साबित हो सकता है।बच्चो मे पीलिया संक्रमण से होता है यह एक वायरल संक्रमण है जिसके जीवाणु शरीर मे जाकर लाल रक्त कनिकाओ  को कम करके बिलुरूबीन को बढाते है और बिलुरूबीन की माञा रक्त मे जादा होने से लीवर को क्षती हो सकती है इसमे बच्चो की जान भी जा सकती है ।

पीलिया होने के 2 से 3 हप्ते बाद इसके लक्षण दिखाई देते है । इससे बच्चो के मस्तिष्क पर भी हानी हो सकती है। पीलिया जादातर गर्भवती महिला और नवजात शिशुओ मे होने की संभावना जादा होती है । रोगी के मल मे इसके जीवाणु रहते है और मल से दुषित पाणी , खाद्यपदार्थ के साथ यह जीवाणु शरीर मे प्रवेश करते है ।जैसे : मक्खिया मल पर बैठकर खाद्यपदार्थ पर आजाने से , पाइपलाईन खंडित होकर दुषित पाणी से प्रभावित होने से , दुषित जगह की तथा फल सब्जिया बिना साफ किए इस्तेमाल करने से।  पीलिया मे डाक्टर की सलाह ले उनसे जाँच करवाए।

पीलिया के लक्षण : 

  1. बुखार आना ।
  2. आँखोके भीतर का सफेद भाग पिला दिखना ।
  3. त्वचा और नाखुन पिले होना।
  4. भुख न लगना ।
  5. उल्टी होना,मिचकी।
  6. रंगहीन या भुरे रंग का मल।
  7. मांसपेशिओ मे तथा जोडो मे दर्द ।
  8. कमजोरी या थकान होना।

 पीलिया होना

पीलिया के कारण : 

  1. गंदगी मे रहने वाले या व्यक्तिगत रूप से  गंदे रहने वाले लोगो  मे यह जादा पाया जाता है।
  2. विषाक्त भोजन  से।
  3. संक्रमित व्यक्ती के संपर्क मे आने से।
  4. एनिमिया से।

बालको में पीलिया होना के इलाज ।

  • एरंडे के पत्तीयो  या जडो का रस निकाले इसे सुबह शाम थोडी थोडी माञा मे लेने से पीलिया कम होने लगता है।
  • मिर्चि , मसालेदार  तथा तले हुई पदार्थ बच्चो को खाने मे न दे।
  • प्याज के गुदे मे काला नमक ,काली मिर्च और नींबु का रस डालकर सुबह शाम बच्चो को थोडासा दे ।
  • टमाटर का रस पीलिया मे बहोत असरदार है टमाटर के रस मे काला नमक मिलाकर पिलाये।
  • बिना बर्फ वाला गन्ने का रस रोज पिलाने से पीलिया जल्दी ठीक होता है ।
  • मुली के पत्तो का रस पिने से भी लाभ होता है ।
  • कच्चे नारियल का पाणी दे  यह भी पीलीया मे फायदेमंद है।
  • जादा तर बाहरी पदार्थ खाने मे न दे। बाहरी पेयजल परहेज करे।घर से purified पाणी दे।बच्चो का टिफीन अच्छे से साफ करले तथा कभीकभी उसे साफ करके धुप मे रखे।
  • बच्चो को संतुलित आहार दे कार्बोहाइड्रेटस् जादा हो ऐसा खाना जादा दे इससे कमजोरी महसुस नही होगी ।पचने मे हल्का आहार दे , दलिया, खिचडी , मुंगदाल की सब्जी,ज्वार की रोटी , फल तथा फलो का ज्युस दे ।
  • साफ सफाई पर ध्यान दे ।मक्खिओ को घर से दुर रखे। खाना परोसते वक्त , बनाते समय खिलाते समय हाथ अच्छे से धोले  ।बच्चो मे बाथरूम के बाद और भोजन के पहले हाथ धोने की आदत डाले।
  • घर और घर के बाहर का परिसर हमेशा स्वच्छ रखे। हमेशा डाक्टर से चेकअप करवाते रहे।

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