मलेरिया से दूर रखें अपने बच्चों को। Maleriya fever - HealthUpachar

मलेरिया से दूर रखें अपने बच्चों को। Maleriya fever

मलेरिया से दूर

मलेरिया से दूर कैसे रहै    :     बच्चो या बड़ो में मलेरिया मच्छर काटने से होता है ।यह सामान्य और ज्यादा पायी जानेवाली बीमारिओसे एक है ।पर उचित समय पर इसका इलाज न होने पर यह जानलेवा हो सकती है ।मलेरिया से दूर रहने के लिए मच्छरों से दूर रहना आवश्यक है । बच्चो को मलेरिया से दूर रख पाना मुश्किल है। क्योंकि उनकी immunity power बड़ो के मुकाबले कम विकशित होती है और वह अकसर खेलने के लिए बाग़ में जहाँ की झाड़िया होती वह जाते है,सोते समय कम्बल नही ओढते आदि  के कारण ।बच्चो को मलेरिया से दूर रखना कठिन हैै।

मलेरिया से दूर रहना मुश्किल नही है परंतु हमारे सावधानी के बावजूद भी अगर मलेरिया हो तो तुरंत डॉक्टर से सम्पर्क करें ।इसमे रोगी के खून की जांच करवानी पड़ती है जिससे मलेरिया का संक्रमण खून में है या नही यह समझ आता है। मलेरिया के सुरुवती दौर में घरेलू दवाइयों से या medicine से ठीक हो तो अच्छा नही तो कई केसेस में अस्पताल में भर्ती करवाया जाता है ।ऐसे में डरने की कोई आवश्यकता नही ट्रीटमेंट से मलेरिया पूरी तरह ठीक हो जाता है ।

मलेरिया से दूर

 

यह पढ़े….मानसुन मे ख्याल कैसे रखे बच्चों का।

क्या है मलेरिया ?

मलेरिया मच्छरों में से मादा एनोफिलिस नामक मच्छर के काटने के कारण उसमे स्थित प्लाजमोडियम नामक परजीवी को वह खून में छोड़ती है । ये प्लाज्मोडियम यकृत में संक्रमण को बढ़ाते है(इससे पेट में दर्द होता है) उसके बाद यह लाल रक्त कोशिकाओ में मिलकर लाल रक्त कोशिकाएं कम करते है (इससे एनीमिया हो सकता है)उसमे भी अपना संक्रमण बढ़ते है और मलेरिया के दिखाई देते है।और रोगी के खून की जांच के बाद ही यह समझ आता है कि मलेरिया है या नही ।तथा इस रोगी को दूसरे मच्छरने काटने पर यह परजीवी उसके साथ दूसरे निरोगी व्यक्ति के शरीर मे प्रवेश करते है।

यह मच्छर ज्यादा तर दिन में काटते है । यह बारिश के जमे गंदे पानी मे ,या घर मे पुराने समान में जमे पानी मे ,या गन्दे नालियों में ,अंधेरे कोने में ,झाड़ियों में ,ज्यादा तर जमे हुए पानी मे यह मिलते है और यहिसे इनकी पैदाइस होती है ।

क्या मलेरिया हानिकारक है ?

हाँ मलेरिया होने पर निहित समय पर उपाय न मिलने से या सही ट्रीटमेंट  नही होने से रोगी की मृत्यु भी हो सकती है ।मलेरिया मे खून की कमि के कारण और शरीर मे स्थित शर्करा कम होने से भी रोगी कोमा में जा सकता है ।मलेरिया  के ज्यादा बढ़ने से किडनी और दिमाग पे भी असर हो सकता है । बच्चो की प्रतिरक्षा प्रणाली कमजोर  हो सकती है ।  इसमे बच्चो को बहोत तेज बुखार  होता है यह 105 से भी अधिक हो सकता है ।इस वजह से मलेरिया में जल्द इलाज करवाना जरूरी है ।

मलेरिया से दूर

 

यह पढ़े…..बुखार का रामबाण उपाय। fever

मलेरिया के लक्षण :

ठंड के साथ तेज बुखार आना ।

शरीर मे कंपकपी होना

कमजोरी आना,थकावट रहना।

भूख कम या न लगना ।

बच्चामे चिड़चिड़ापन आना जिद्दी, मुड़ी होना।

सिर सर्द रहना ।।

पेट दर्द या पीठ में दर्द रहना ।

मितली , उल्टी आना ।

काम नींदया नींद में बार बार उठाना ।

 मलेरिया से दूर रहने के घरेलू उपाय:

सन्तरे का ज्यूस पिलाये या सन्तरे को खाने को देने से मलेरिया में राहत मिलती है ।

ज्यादा से ज्यादा खाने में फलों का इस्तेमाल करे इससे किडनी में फैला मलेरिया खत्म होने लगेगा।

रोगी को बुखार आने पर ठंडे पानी की पट्टीया सिर पर रखे तथा हाथ और पैरों के तलुओं को और पूरे बदन को ठंडे पानी के स्पंज से पोछते रहे।इससे बुखार कम होगा ।

निंम्बू के रस को गुनगुने पानी में डालकर पिलाये इससे बुखार कम होगा ।

काली मिर्च बारीक पीसकर  प्याज के रस में मिलाकर पिलाने से मलेरिया में आराम मिलेगा।

तुलसी के पत्तो को चबाकर खाये या तुलसी के पत्तो के रस में  पिसी हुई कालीमिर्च डालकर चटायें ।

गर्म पानी मे शहद , पीसीहुयी कालीमिर्च,तुलसी का रस और दालचीनी पाउडर डालकर ठंडा होने के बाद में इसको पिलाये ।

पानी मे अदरक का टुकड़ा और 1 से 2 चम्मच मनुके डालकर उबालकर काढ़ा बनाये दिन में इस काढ़े को 2 से 3 बार थोड़ी थोड़ी मात्रा में पिलाये।

बच्चो को आयरन से भरपूर आहार दे जिससे खून की कमी न हो। और खून बढ़ाने वाला भी आहार दे।

तरल पदार्थ दे,पचने में हल्का और सन्तुलित आहार दे  ,जिससे मल और मूत्र त्याग सहजता से हो ।

आराम करने दे।

मलेरिया से दूर

मलेरिया से बचने के इलाज ।

जहा भी पानी ठहरकर गंदा हुआ हो उसे तुरंत साफ करे या केरोसिन की बूंदे डाले । खुली नालियों में ,तलाब में ,गटर, छत का भंगार इनको साफ करें नही तो इनमे मिट्टीका तेल डालें।

जितना हो सके मच्छरों से दूर रहे  बच्चो को हल्के रंग के तथा पूरी बाहके कपड़े पहनाये जिससे मच्छरों के सीदे sckin से attack नही होगा।

घर के बाहर निम की पत्तियां जलाये । बच्चो को बैग में खेलते वक्त

घर मे साफ सफाई बरते ,घर के कोनो में मच्छरों से बचने वाली दवा डाले ,दिन में तथा रात में मच्छरों की जाली लगाकर सोए बच्चो को इसीमे सुलाये, जाली को छेद नही है ,जाली अच्छे से लगी है इसकी जांचकर ले ।

घर के door और window को जाली लगा ले जिससे मच्छर अंदर न आये ।घर मे नवजात शुशु हो तो किसी भी चीज़ का ज्यादा धुआँ न करे। उनको सास लेने में तकलीफ़ हो सकती है।

धन्यवाद,  आपको post अच्छा लगा हो तो  share करो और इस post से related अधिक जानकारी के लिए [email protected] संपर्क करे।

 

 

 

 

 

Share

error: Content is protected !!