युरीन इन्फेक्शन UTI में बच्चो का बचाव( युरीन ट्रैक इन्फेक्शन) - HealthUpachar

युरीन इन्फेक्शन UTI में बच्चो का बचाव( युरीन ट्रैक इन्फेक्शन)

बच्चो मे युरीन इन्फेक्शन गुप्त अंगो द्वारा बॅक्टेरिया अंदर जाने से तथा बच्चो का खुन खराब या खुन मे संक्रमन से होता है। यह लडकीओ मे जादा होने की संभावना होती है। इसको युरीन ट्रैक इन्फेक्शन (UTI ) भी कहते है। बच्चो मे युरीन इन्फेक्शन के कारण अलग अलग हो सकते है। यह एक सामान्य समस्या है । पर नजरअंदाज करने पर इससे किडनी पे प्रभाव हो सकता है। बच्चो मे युरीन इन्फेक्शन होने पर डाॅक्टर के पास ले जाए और सही इलाज करे। बच्चा 4 ,5बार सुसु करे तो नाॅरमल है ।दिन मे 7 से 8 बार सुसु को जाए तो समझ ले की मुञसंक्रमन है।

खुन खराब होने से किडनी खुन को साफ करके खुन मे से निकली गंदगी को मुञ से बाहर डालती है इस कारन भी युरीन इन्फेक्शन होता है।

UTI  के लक्षण  :

  • भुख न लगना।
  • बुखार आना।
  • रोना, मुञत्याग के समय जलन दर्द होने के संकेत से बताना।
  • चिड़चिड़ापन बढना।
  • उलटी।
  • बार-बार पेशाब आना।
  • झागयुक्त, गहरा,दुर्गंधयुक्त  मुञ।
  • मुञ से खुन आना।
  • गुप्तांग मे खुजली।

बच्चो मे युरीन इन्फेक्शन

UTI के कारण। :

  • मुञनलिका मे संक्रमन।
  • लंबे समय तक मल और मुञ रोकना।
  • तरल पदार्थ कम पिने से।
  • पेट मे कब्ज होने से।
  • खुन मे खराबी होने से।

 युरीन इन्फेक्शन के उपाय ।

  • काकडी के रस मे नींबु और शहद मिलाकर बच्चो को देने से जलन मे रात मिलेगी।
  • बच्चो को खाने मे घर का बना दही तथा छाछ पिलाए।
  • मुली के पत्तो का रस पिलाए ।
  • कच्चा दुध ना पिए।
  • रात मे पालक का सुप तथा रस पिलाने से बार बार या बुंदबुंद पेशाब आना बंद होगे।
  • आहार मे सेब,  सेब का रस, अन्नानस  ले जादातर आहार मे थंडे किस्म की पदार्थ का समावेश करे।
  • तरल पदार्थ जादा दे।
  • चुकंदर का रस पिने को दे इससे रक्त साफ होगा।
  • टाॅयलेट तथा बाथरूम मे साफ सफाई बरते।
  • मल और मुञ त्याग के  बाद बच्चो मे  गुप्तांगो को अच्छे से साफ करने की आदत डाले।
  • बाथटब मै न नहाए।
  • नहाते समय बच्चो की योनी को साफ करे तथा लडको की शिश्नमुंड की त्वचा को हल्के हाथ से आगे पिछे करके गुनगुना पाणी डाले।
  • बच्चो की नॅपी गिली न रखे , नॅपी पहनने से पहले और उतार ने के बाद पावडर डाले।
  • बच्चो को जादातर सुती अंतरवस्र पहनाए और जादा तंग अंतरवस्र या कपडे परहेज करे ।

बच्चो के अंतरवस्र को dettol के पाणी से साफ करे।

बच्चो को खाने मे जादा तिखा न दे।

आप घर की और बच्चो की सफाई पर ध्यान दे ,छोटे बच्चो को नंगा न रहने दे ।

नदी और तलाब के पाणी मे न खेलने दे या तो खेलने के बाद तुरंत गुप्तांगोको साफ पाणी से धोए। नही तो इससे भी इन्फेकशन हो सकता है।

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