रोटावायरस वैक्सिन बच्चे को क्यों देना है जरूरी। - HealthUpachar

रोटावायरस वैक्सिन बच्चे को क्यों देना है जरूरी।

रोटावायरस  (इसे RV भी कहते है  ) वैक्सिन मुख्यत: बच्चो में दस्त की रोकथाम के लिए जरूरी है। रोटावायरस वैक्सिन Rotavirus जन्म से 6 माह के उपरांत दिया जाता है तथा यह पूरी तरह सुरक्षित है । यह अस्पतालों में आसानी से मिलता है । रोटावायरस वैक्सिन पोलियों की तरह बूंदों में दी जाती है ।

देखा जाए तो विकसनशील देशो में  दस्त लगने के ज्यादातर चांसेस होते है ।   तथा उचित उपाय न होने से दस्त के कारण बच्चों की मृत्यु भी होती है । शोध के मुताबिक 2013 में दस्त के कारण मृत्यु दर सबसे ज्यादा था ।

रोटावायरस वैक्सिन

 रोटावायरस  वैक्सिन क्यों है जरूरी :

रोटावायरस यह  ऐसा वायरस है जो कि संक्रमनसे छोटे बच्चो  में होता है  और बहोत पतले दस्त होते है ।  शिशु को दस्त लगने से उसका शरीर  कमज़ोर होता है तथा dihydration की समस्या उत्पन्न होने  के कारण बच्चो को अस्पताल में भर्ती भी करवाना पड़ सकता है ।ऐसे में उचित उपचार न मिलने से उनकी मृत्यु भी होना संभव है ।  रोटावायरस का टीका  दस्त की रोकथाम करता है  ।रोटावायरस के संक्रमण के बिना भी दस्त लगे तोभी उनको बंद करता है ।

रोटावायरस टिका कब दे :

रोटावायरस boostar vaccine बच्चो के मुह दी जाने वाली वैक्सिन है ।इसके तीन खुराक होते है

  1. जन्म के 6 माह बाद।
  2. 10 महीनों के उपरांत।
  3. 14 वे माह में ।

यह तीनों टिके लागवाने के बाद डायरिया जैसी बीमारियों से बच्चों को दूर रखा जा सकता है।

रोटावायरस के दुष्प्रभाव :

कुछ  बच्चों में हल्का सा दुष्प्रभाव हो सकता है  जैसे कि

गले मे खराश।

मतली ,या उल्टी आना ।

गंभीर इफ़ेक्ट नही होते , अगर आपको कुछ गम्भीर लक्षण दिखाई दे तो आप तुरंत डॉक्टर से मिले ।

सावधानियां :

टिका लगाते समय डॉक्टरों को बच्चो की तबीयत के बारे के पूरी जानकारी दे ।

तथा रोटावायरस के जीवाणु से बच्चो को बचाने के लिए रोटावायरस टिक जरूर लगवाएं।

 

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