विटामिन D के फायदे और नुकसान ।

विटामिन D

विटामिन यह एक आवश्यक तत्व है जो शारिरिक गतिविधियों को सही से संभाले रखता है । कई सारे विटामिन शरीर को आवश्यक होते है ,इनमे से एक है विटामिन D। विटामिन D का मुख्य काम होता है मांसपेशियों में से कैल्शियम को absorb करके हड्डियो तक पहुँचना तथा यह फॉस्फेट को भी बढ़ाने में मददगार है ।

इसकी कमी से बहोत सारी समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है तथा इसके ज्यादा सप्लीमेंट /medicine लेने से भी इसकी मात्रा शरीर मे अधिक होने से भी शारीरिक गतिविधियों में रुकावट आती है । इसलिए विटामिन D का संन्तुलित रहना महत्व पूर्ण है।

इसकी मात्रा 75 नैनो ग्राम होना सही है इससे कम या अधिक होना हानिकारक होता है । आइये तो हम इसके बारे में विस्तार से जाने की विटामिन डी के फायदे और नुकसान क्या है ।

विटामिन D के फायदे और नुकसान :

फायदे :

विटामिन डी से सबसे बड़ा फायदा तो हड्डियों में मजबूती आती है तथा मांसपेशियों में होने वाली ऐठन और दर्द से छुटकारा मिलता है ।

मोटापा रोके :

विटामिन डी के नियमित सेवन से शरीर मे चयापचय की क्रियाओं में सुधार होकर अतिरिक्त चरबी को निष्काषित किया जाता है इससे शरीर मे फैट जमा नही होते और बॉडी maintain रहे में मदद होती है।

दिमाग तेज होता है तथा चश्मे का no कम करने में भी विटामिन डी मददगार है। इससे आँखों की बीमारियों से मुक्ति पायी जा सकती है।

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नुकसान :

किडनी प्रॉब्लम :

विटामिन डी की खुराक ज्यादा मात्रा में लेने से शारीर में कैल्शियम की बढ़ोतरी से किडनी स्टोन के चांसेस बाद जाते है ।

इसलिए किसीभी विटामिन को उपरसे खुराक के रूप में नही लेने चाहये खान पान में से ग्रहण किये गए vitamins को शरीर maintain करता है, पर एक्स्ट्रा खुराक को वह handel नही कर पाता तथा किसी यक विटामिन की बढ़ोतरी से शरीर पर बुरा असर होता है।

हार्ट अटैक :

विटामिन डी की बढ़ोतरी से या कमी से हार्ट अटैक के चांसेस 2.8 प्रतिशत बढ़ ने की संभावना होती है। कम से कम 60 नैनो मोल से ऊपर और 75 नैनो मोल से कम विटामिन डी शरीर मे मौजूद होना आवश्यक है इससे कम या ज्यादा होने पर गंभीर समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है।

गर्भवती में मिसकैरेज :

गर्भवती महिलाओंके लिए विटामिन डी की बढ़ी हुई मात्रा से गर्भ पर बुरा असर होकर मिसकैरेज भी हो सकता है।

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