शिशु की मालिश कैसे करे । मालिश के फायदे। - HealthUpachar

शिशु की मालिश कैसे करे । मालिश के फायदे।

नवजात शिशु की मालिश यह हर घर मे परंपरा नुसार चली आ रही पद्धति है जो कि शिशुओ की सेहत के लिए पूरी तरह फायदेमंद है । शिशु की मालिश करने से उनके स्नायु मजबूत होने में मदद होती है तथा उनकी शरीर की थकावट दूर  होके  सुखद नींद भी आतीहै । उसकी त्वचा को अच्छे से मॉइस्चर भी मिलता है ,नमी बनी रहती है और पेट की मालिश से हाजमा भी  तन्दरुस्त रहता है ।इसलिए शिशु की मालिश रोजाना करनी चाहिए ।

शिशुओ की मालिश के लिए पहले जरूरी है तेल वह अच्छे से चुने , बाद में मालिश कैसे करनी है यह हम सीखेंगे ।

शिशु की मालिश

शिशु की मालिश कैसे करे :

  • नवजात शिशु के मालिश के लिए बच्चे को अच्छे से पकड़ना सीखे बाद में मालिश करना चालू करे ।नवजात शिशुओं की गर्दन अच्छे से सम्भाले बाकी मालिश करना एकदम आसान है ।तथा बच्चे भी आपको पूरा सपोर्ट करते है क्योंकि उनको मालिश बहोत पसंद होती है ।
  • साफ तौलिया या बिस्तर ले उसपर बच्चे को लिटाये ,बुजुर्ग महिलाएं अपने पैरों पर भी इसे करती है ।  शिशु के पैरों से मालिश को strart करे ।हथेलियों पर तेल ले के हल्का सा मले तथा हल्के हाथों से बच्चे के पैरों की मालिश करना प्रारंभ करें ।
  • बच्चे के पैरों को हाथ मे पकड़के दही मथने के style में  मालिश करे तथा क्लॉक wise और anti clock wise अपने ही हाथोंको  हल्के से घुमाए ,उसके पैरों को हाथो में पकड़कर आप ऊपर से नीचे की और भी अपने हाथो को move कर सकतीहै  इससे blood circulation अच्छा होगा ।
  • पैरोकी उंगलियों को एक एक करके आपकी हाथो की  दो उंगलियों की बीच मे लेकर हल्का सा खिंचे जोर से नही । तथा तलुओं को भी अच्छे से मालिश करे ।
  • अब शिशु की हथेलियों को ऊपर से नीचे की ओर मालिश करना चालू करे ।
  • तथा छाती पर हल्के से अपने दोनों हाथ रखके मिट्टी का ढेर  जमा करके उठाने की प्रोसेस करते है वैसे ही करे पर हल्के से । न हो सके तो छाती को बिना मालिश के रहने दे ।

शिशु की मालिश

पेट  और पीठ की मालिश :

  • पेट की और मालिश करते समय  उपन हाथ को clockwise तरीके से घुमाए ऐसा करते करते थोड़ा सा बीच में हल्का सा दबाए इससे हाजमा ठीक होता है तथा पेट के स्नायु भी मजबूत होते है ।
  •  पेट की मालिश करते समय बच्चे की दोनों पैर हल्के से पकड़कर घुटनों में मोड़कर नितम्बो को ऊपर उठाते हुए पेट के बीच हलका सा दबाए ,पेट मे भरी गैस पास होगी ।
  •  अब बच्चे को पेट पे लिटाते हुए पीठ की मालिश करे ।वह anticlock wise करे तथा नितम्बो की भी मालिश करे।

सिर की मालिश : 

  • सिर की मालिश करते समय पहले बच्चे की माथे पर तेल डाले। याद रखे जब तक बच्चा 3 से 4 माह का नही होता है तबतक वह अपनी गर्दन को उठा नही पता तो आपको ही उसकी गर्दन को संभालते हुए मालिश के मजे देने है ।
  • ऐसे में आप बच्चे को पेट पर लिटाकर ही सिर पे तेल डाल नही तो उसकी आँखों और नाक मुह में तेल जाकर दम घूँटने के चांसेस हो सकते है ।
  • माथे पर तेल डालने के बाद हल्के हाथ से तेल को बालों और माथे पर मले और पूरे सिर की मालिश करे ।
  • अब बच्चे के कपोलो पर दोनों हाथ रखकर रॉन्ग side में हाथो को कपोलो के ऊपर से  हल्के से दबाकर घुमाए  । eyebrow पर तर्जनी और अंगूठे की सहायता से मालिश करे इससे सिर हल्का होगा नींद भी अच्छी आएगी।
  • नाक की भी मालिश करे , नाक की मालिश करते समय बच्चे के आँखों के बीच में जो नाक की जो हड्डी होती है उसको तर्जनी और अंगूठे के बीच हल्के हाथ से पकड़कर  नीचे की और मालिश करे इससे अटकी हुई सर्दी बाहर आएगी और सर्दी में नाक बंद होने की संभावना नही होगी ।
  • जबड़े की मालिश करे बच्चा स्तन चूसता है उसमें कसरत होती है ।चूसने से जबड़े के स्नायु मजबूत तो होते है पर बहोत चूसने से दर्द भी होता हो तो किसको समझ मे आये , इसलिए बच्चे की जबड़े की मालिश जरूरी है ।
  • जबड़े की मालिश करते हुए बच्चे का जबड़ा अपने एक हाथ मे ले, एक तरफ चारों उंगलिया और दूसरी तरफ अंगूठा  रखकर हाथ को ऊपर नीचे करते हुए हल्के से दबाकर मालिश करे । इसी स्थियी में  बच्चे के कान केऊपर और कपोलो के नीचे  की जगह को भी ऐसे ही हल्का दबाकर मालिश करे  शिशु को बहोत रिलैक्स महसूस  होगा ।
  • क्योंकि उनका एक ही काम होता है स्तनपान करना और उसको मेहनत लगती है ।

टिप : जब भी आप बच्चे के माथे पर तेल डाले वही तेल उसके lips तथा पैरो की एड़ियों पर मले उससे बच्चे के ओठ तथा एड़िया कभी फटेंगी नही।

शिशु की मालिश

बच्चे को मालिश कब और कितने समय करे
  1. ऐसा कोई time नही की बच्चे की मालिश करे आप जब चाहे कर सकती है , दिन में एक या दो बार भी कर सकती है  ।पर जितना हो सके बच्चे को नहाने से पहले आधा या एक घंटा मालिश कराएं जिससे तेल त्वचा में अच्छे से मिले तथा नहाने के बाद धूल भी जाये । नही तो तेल की वजह से त्वचा पर  धूल चिपककर skin एलर्जी हो सकती है ।
  2. बच्चे को मालिश करते वक्त बेड के बीच में या  simple फर्श पर रखकर करे । तथा तेल के कारण बच्चा हाथो से छूट जाने के चांसेस रहते है। तो बच्चे को मालिश के बाद उठाते वक्त  लम्बा साफ ,सूती,नरम और पतला कपड़ा हाथ मे लेकर बच्चे को उठाये , जिससे बच्चे का बदन ढक भी जाये और बाथरूम ले जाते वक्त ठंड न लगे ।

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