MMR वैक्सिन ( खसरे का टिका ) आवश्यक है बच्चो के लिए। - HealthUpachar

MMR वैक्सिन ( खसरे का टिका ) आवश्यक है बच्चो के लिए।

बच्चे जन्म से ही बहुत नाजुक होते है वैसे ही उनकी प्रतिरक्षा प्रणाली भी  ऐसे में सभी टिके लगाना अनिवार्य है ।इसीमें से एक है MMR वैक्सिन यह टिका बच्चो को खसरे से दूर और पूर्णतः सुरक्षित रखता है । वैसे देखा जाए तो MMR वैक्सिन बच्चे को तीन रोगो से बचाने की महत्वपूर्ण भुमिका निभाता है । 1 .खसरा , 2 . मम्प्स (गलगंड) , 3 . रूबेला यह तीनों बीमारीया संक्रमनसे होती हैै । विकसनशील देेशो में यह ज्यादा तादात में पायी जाती है । MMR वैक्सिन इन तीनों से  बच्चो को पूर्ण रूप से निजात दिलाने के लिए लगवाना अनिवार्य है ।

MMR वैक्सिन

MMR वैक्सिन क्यो लगाए :

खसरे का टिका बच्चे को आजीवन  खसरा, मम्प्स,रूबेला को दूर रखने के लिए प्रभावी है ।

खसरा : यह एक संक्रमण से होने वाली बीमारी बड़ो के मुकाबले बच्चो में ज्यादा पाई जाती है ।इसमे  बच्चो के  त्वचा पे लाल दाने या चकत्ते आते है ,बुखार , आँखों मे जलन ,खाँसी यह सम्भव है ।इसका इलाज न होने पर यह मृत्यु का कारण बन सकती है । वैसे खसरे का कोई सटीक इलाज नहीं पर दवाओसे इसके लक्षणनो को कम किया जाता है।

मम्प्स : इसमे गले मे सूजन आती है तथा यह सिर्फ कान के नीचे और मुँह के पास सूजन रहती है इसमे लार पैदा करने वाली ग्रंथियों में दर्द होता है और सूजन रहती है , ऐसे में बच्चों को बुखार, स्तनपान करने में या निगलने में परेशानी ,गलेमें खराश , हल्का पेट दर्द  होता है  तथा मस्तिष्क ज्वर  और अंडकोष में सूजन रहती है ।

रूबेला : इसे जर्मन खसरा भी कहते है ,इसके कुछ लक्षण खसरे की तरह होता है , इसमे बच्चो के चेहरे पर लाल या गुलाबी रंग के चकत्ते आते है बाद में पूरे बदन पर फैलते है  और बुखार भी। यह रहता है  5 से 6 दिन ।इसके बाद  1 हप्ते तक संक्रमण रहता है पर वह इतना प्रभावशाली नही होता ,जितना कि पहले दिन । गर्भवती महिलाओं में यह होने से बच्चे पर बहोत बुरा आदर होता है ।

उपर तीनों बीमारी यो की कुछ जानकारी दी है ,इसी तीनो से बच्चे को बचाने के लिए उपयुक्त है MMR का टीका । इसको  लगाने से उम्र भर इन तीनों बीमारिओसे छुटकारा मिलता है ।

तथा यह भारत सरकार द्वारा अनिवार्य टीको में से एक है ।

 कब देना चाहिए  खसरे का टिका :

जब बच्चा 6 माह का हो जाए तब खसरे का टीका अवश्य दे ।

इसकी दो खुराक होती है  ।

1 : पहली खुराक 6 से  9 महीने तक

2: दूसरी खुराक 16 से 18 माह तक

यह सभी सरकारी अस्पतालों में , आंगनवाड़ी में उपलब्ध होने के उपरांत यह मुफ्त है  ।करीबन  95 % लोग इसे सरकारी अस्पतालों से बच्चो को लगवाते है  बाकी के 5% लोग ही निजी अस्पतालों में लगवाना पसंद करते है ।

MMR वैक्सिन

MMR  लगवाने से होने वाले side effect।

बुखार आना ।

इंजेक्ट की हुए स्थान पर लाली या सूजन आना ,दर्द,अकडन आदि होना ।

यह 2 से 3 दिन बाद भी रहने पर तुरंत डॉक्टर से चेकप करवाए।  तथा डॉक्टर टिका लगवाते समय पैरासिटामोल की दवाई देकर उसके dose कैसे देना है ,उसकी पूरी जानकारी देते है ।

सावधानियां ।

बुखार होने पर बच्चो को टिका न लगवाएं ।

तथा बच्चे को MMR का टीका लागवाते समय डॉक्टरों को  बच्चो की तबियत के बारे में पूरी जानकारी दे । उसको दे रहे  सभी सप्लीमेंट और औषधि के बारे मे जर्रूर बताए।

यह टिका विश्व स्वास्थ्य संगठन द्वारा जारी किया गया है यह पूरी तरह  सुरक्षित है ।

धन्यवाद।

 

 

 

 

 

 

 

 

 

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